Plato’s Justice, Ideal State, and Theory? – Main 3 Question of B.A Last Year- 2019

, , Leave a comment

Plato's Justice, Ideal State, and Theory? - Main 3 Question of B.A Last Year- 2019


प्लेटो के न्याय के सिद्धांत को समझाइये?-
Explain the principle of Plato’s justice?

प्लेटो के न्याय, आदर्श राज्य, और सिद्धांत?- मैन प्रश्न ऑफ़ B.A लास्ट ईयर।

The division of function based on the qualifications and qualities of the person is justice. The three sections (ruler, soldier, and productive) created on the basis of Plato’s three qualities of the human soul (discrimination, enthusiasm and craving) are different from three different responsibilities. These three classes do their own work. Do not interfere in each other’s work. This is justice. It is justice.

व्यक्तिओ के योग्यताओ और गुणों के आधार पर कार्या का विभाजन ही न्याय है।

प्लेटो ने मानवीय आत्मा के तीन गुणों (विवेक, उत्साह और तृष्णा) के आधार पर निर्मित तीन वर्गों (शासक, सैनिक, और उत्पादक) को अलग अलग तीन उत्तरदायित्व सोपे है।

ये तीनो वर्ग अपना-अपना काम करे। एक दूसरे के काम में हस्तक्षेप नहीं करे। यही न्याय है।

प्लेटो का आदर्श राज्य क्या है?- What is the ideal state of plato?

प्लेटो का आदर्श राज्य एक आध्यात्मिक संस्था है।
जिसका उदेश्य परम सत्य की प्राप्ति है।
प्लेटो ने अड्रेस राज्य को आत्मा के तीन तत्वों के अनरूप तीन वर्गों(आर्थिक सैनिक और अभिभावक) में विभाजित किया है।
प्लेटो के udesya राज्य में शासक दार्श्निक है। और साम्यवाद आधारित सामाजिक व्यवस्था है।

Plato’s ideal state is a spiritual institution.
Whose purpose is to attain the ultimate truth.
Plato divided the adress state into three categories of soul (economic soldier and guardian), according to the three elements of the soul.
This Adrase of Plato is the ruler in the state. And communism-based social system.

Why is Plato the first fascist?- प्लेटो प्रथम फासीवादी क्यों कहलाता है?

Plato is called the first fascist thinker on the basis of unity of Platonism, the absolutist rule of the Darsan ruler, the belief of elite class of intellect, caste status, freedom and equality on democracy.

प्लेटो के विचारो में समवयी एकता, दार्श्निक शासक के निरंकुस शासन, बुद्धि के अभिजात वर्ग की धारणा, जातिए श्रेस्ठतथा, स्वतंत्रता और समानता पर आधारित प्रजातंत्र की घोर बर्तस्ना के आधार पर प्लेटो को प्रथम फासीवादी विचारक कहा जाता है।

प्लेटो के दुवारा वर्णित उदत्त झूठ क्या है?- What is the lie described by Plato?

When people resort to falsehood for welfare activities, Plato names them as an imposing lie.

जब लोग कल्याणकारी कार्यो के लिए झूट का सहारा लिया जाये तो प्लेटो उसे उद्द्त्त झूठ की संज्ञा देता है।

 

Leave a Reply