how to stop a heart attack immediately

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how to stop a heart attack immediately/How to save the patient of hart attack.

how to stop a heart attack immediately/How to save the patient of hart attack.
 

हार्ट अटैक के मरीज को कैसे बचाएं/how to stop a heart attack immediately.  बचाएं किसी भी जगह पर

क्या कभी आपने सोचा है की आपकी फॅमिली में या आस पड़ोस में या घर से भर जब किसी को heart attack आजाये तो आप क्या करेंगे?
शायद आपका सिंपल सा जवाब हो सकता है की आप उस पेसेंट  को हॉस्टपिटल में सिफ्ट करेंगे।
दोस्तों आजकल की भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में heart attack जैसी समस्या अधिक होने लगी है। दोस्तों hart attack होने के कई कारण हो सकते है। 
जैसे ;- टेंसन, कोई दुःख, गलत खान-पान, घबराहट आदि।
अगर दोस्तों आपके सामने किसी को hart attack आता है और आप उसको बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर पाए। तो ये बहुत ही गलत होगा।
लेकिन अगर आप इस सिचवेशन में उस मरीज की मदत करते है और उसकी जान बचते है। तो इंसानियत के नाते बहुत अच्छा है।
दोस्तों आज हम उन तरीको के बारे में जाने जिनसे हम किसी की जान बचा पाए।
फ्रेंड्स हमने कितने ऐसे केसेस में देखा है की हमारे पास इतना समय नहीं होता की हम किसी पेसेंट को जल्दी हॉस्पिटल में ले जा सके।
उस समय क्या कोई ऐसा तरीका है या कोई ऐसी तकनीक है की जिससे किसी की जान को बचाया जा सके। कुछ ऐसी टेक्निक है जिनके दुवारा किसी की जान को बचाया जा सके।
फ्रेंड्स आज का हमरी पोस्ट डेडिकेट हो जिसके दुवारा किसी हार्ट  अटेक मरीज की जान बचा सकते है।
तो आइये समझने की कोशिस करे।
बिना समय गवाए चलते है इस तकनीक के पास।
how to stop a heart attack immediately/How to save the patient of hart attack.
दोस्तों आज हम जिस टेक्निक की बात करने जा रहे है उसके लिए किसी सेटिफिकेटे या डॉक्टर की जरुरत नहीं है।
आप चाहे कही पर भी हो। ऑफिस में हो या शॉपिंग मॉल में हो या फिर गली में हो। आप कहीं पर भी इस टेक्निक को use कर सकते है। मरीज की जान बचा सकते है।
जब भी आप किसी मरीज को सीने में दर्द की शिकायत के साथ गिरता हुआ देखे तो आपको दो  स्थति देखने को मिलती है।
पहली बुरी और दूसरी थोड़ी ज्यादा बुरी।
पहली बुरी  स्थति में ऐसा हो सकता है।
की पेसेंट दर्द के साथ गिर रहा है। आप तुरंत उस पेसेंट के पास जाये तो पेसेंट आप से शिकायत कर sakta है की मेरे सीने में बहुत तेज दर्द हो रहा है।
जो की सीने से होता हुआ हाथ की तरफ आ रहा है। साथ ही मरीज को घबराट और बहुत ज्यादा जी मचलने की शिकायत हो रही है। दोस्तों इस कैंडिक्शन को hart attack खेह्ते हैं।
इसमें सबसे पहले आप मरीज को सही पोजीसन में लेटाय और साथ ही जल्दी से एम्बुलेंस को कॉल करे।
यदि मरीज कमरे में तो तुरंत उस कमरे की खिड़किया और दरवाजे खोल दे।
और सबसे जरुरी बात मरीज का धैर्य बनाये की सब कुछ ठीक हो जायेगा और आपको कुछ नहीं होगा। ये सबसे महत्यपूर्ण बात है।
यदि फ्रेंड्स आपके पास दूसरी स्थति है जिसमे मरीज बेहोस है।
जब आप उसके पास जायेगे और चके करेंगे न तो उसकी सांस चल रही है और वह बोल भी नहीं पा रहा है।
दोस्तों इस स्थिति में आप उस मरीज को जमीन पर लेता दे।
आप उसके पास घुटने के बल बैठ जाए और देखे की उसके कांशसनेस लेवल क्या है।
अगर वह सांस नहीं ले पा रहा है तो आप अपने हाथ से उसके सीने को कस के दबा के देखे की क्या उसके दर्द हो रहा है.
और उसके आँखों के अंदर वाले हिस्से में भी आप जोर से दबा कर देख सकते है। यदि मरीज में कोई हरकत नहीं है तो आप अपने गाल को उसके नाक के पास के जाये और महसूस करे के क्या वह सांस ले रहा है या नहीं ले रहा है
अगर उसको सांस नहीं आर ही है तो आप समज ले की वह जल्द ही डेथ की पोजीसन में जा रहा है तो उसे जल्दी से सीपीआर दे।
सीपीआर के लिए आप जल्दी से घुटने के बल बैठ जाए.
और अपने हाथो से मरीज के सीने के बीचो बिच मतलब दोनों निपल्स के बिच में अपने हांथो को याद रखे की आपको सीने के एक तरफ नहीं दबाना है बल्कि सीने के बीचो बिच दबना है।
 और ये भी ध्यान रखे की आपको १ मिनट में करीब सो बार सीने को दबना है और साथ ही सीने को करीब एक से डेड इंची तक दबना है।
ये काम आप को तब तक करना है जब तक मरीज को होश न आ पाए या फिर कोई डॉक्टरी सहायता  नहीं आये। याद रखे की तब तक कोई नहीं आता आप को लगातार उसके सीने को दबाते रहना है।
ये शरू के दस मिंट मरीज की जान को बचा सकता है .
दोस्तों इस पोस्ट में मेने आपको दोनों स्थिति बताई है। और ये पोस्ट एक डॉक्टर की सलाह से ही लिखी गयी है।
अगर इस पोस्ट को पढ़कर आप किसी की जान बचा पाए तो में भी समझुगा के मेरी ye post kaam में आयी।
दोस्तों aaj की post में सिर्फ इतना ही।
 

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